गंगटोक: Sikkim Tunnel Collapse की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सिक्किम के नामची जिले के सामरदुंग (झोलुंगे) स्थित एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन के अनुसार कई अन्य मजदूर अभी भी सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका है, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका
नामची जिला प्रशासन ने बताया कि सुरंग के अंदर करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि, सुरंग के भीतर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण अभी सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकी है। एनडीआरएफ की टीम सुरंग के अंदर पहुंच चुकी है और हालात का आकलन कर रही है।
कई एजेंसियां चला रही हैं संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान में जुटी हैं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य लगातार जारी है।
प्रशासन ने बताया कि बरामद किए गए शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए सिंगताम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल गंगटोक और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने जताया शोक
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में लगे सभी अधिकारियों और जवानों के साहस एवं समर्पण की सराहना करते हुए संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
गैस रिसाव के बाद हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर सुरंग के भीतर गैस रिसाव की घटना सामने आई, जिसके बाद सुरंग के अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। इसके बाद तत्काल राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। प्रशासन ने कहा है कि घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अपुष्ट या भ्रामक सूचना साझा न करें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बचाव अभियान पूरा होने तक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और समय-समय पर अपडेट जारी किए जाएंगे।