Chhattisgarh Liquor Scam : नई दिल्ली। कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ी राहत देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के बेटे Chaitanya Baghel को मिली जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि फिलहाल जमानत आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। हालांकि अदालत ने जांच एजेंसी के खिलाफ हाईकोर्ट द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को अनावश्यक बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया।
2,161 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़ा मामला
यह मामला कथित तौर पर 2,161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट द्वारा चैतन्य बघेल को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। एजेंसी का तर्क था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत रद्द की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत देते समय हाईकोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया था। अदालत ने माना कि जमानत रद्द करने के लिए ऐसे ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिनसे यह साबित हो कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है या जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी के आचरण को लेकर हाईकोर्ट की कुछ टिप्पणियां आवश्यक नहीं थीं। सुप्रीम कोर्ट ने उन टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने दी थी जमानत
इससे पहले हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को जमानत देते हुए कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी को अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। उसी आदेश में जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ प्रतिकूल टिप्पणियां भी की गई थीं, जिन्हें अब सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास की जीत बताया है, जबकि भाजपा ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच और ट्रायल के बाद ही सामने आएंगे।