Pakistan Occupied Kashmir (PoK) Election Violence : नई दिल्ली. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 19 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। चुनावी धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
रावलाकोट में गोलीबारी का आरोप
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों का आरोप है कि रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। संगठन ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में 19 लोगों की जान गई। JAAC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कथित मृतकों की सूची भी साझा की है।
भारत ने चुनावों को बताया अवैध
भारत सरकार ने PoK में कराए जा रहे चुनावों को पूरी तरह अवैध करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान इन चुनावों के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर अपने अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार, ऐसे चुनाव क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और वहां कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान नहीं भटका सकते।
बातचीत विफल, हजारों लोगों का मार्च
JAAC ने प्रशासन को 27 जुलाई तक अपनी मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। संगठन ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और प्रशासनिक सुधारों की मांग की थी।
मांगें पूरी नहीं होने के बाद हजारों लोग रावलाकोट में इकट्ठा हुए और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुधनोती और रावलाकोट जिलों में चुनाव 10 अगस्त तक स्थगित कर दिए हैं।
PoK में विरोध क्यों बढ़ा?
प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है। संगठन के नेताओं की गिरफ्तारी और प्रस्तावित प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद विरोध और तेज हो गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में करीब 40 लोगों की मौत होने का भी दावा किया गया है।
लगातार विरोध के कारण कई इलाकों में सड़कें बंद रहीं, बैंक लगभग दो सप्ताह तक बंद रहे और मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं। पुंछ डिवीजन में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ा।
तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव
45 सदस्यीय PoK विधानसभा के चुनाव पहले 27 जुलाई को एक ही चरण में प्रस्तावित थे। लेकिन लगातार बढ़ते तनाव, हिंसा और सुरक्षा चिंताओं के कारण चुनाव अब तीन चरणों में कराने का फैसला लिया गया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार और अदालत का कहना है कि विधानसभा सीटों में किसी भी बदलाव के लिए संवैधानिक संशोधन आवश्यक होगा।