CG Weather Update : रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मानसून द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है, वहीं बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी तंत्र बन गया है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
नया मौसमी तंत्र होगा और मजबूत
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसमी तंत्र आने वाले समय में और अधिक प्रबल होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। इसका प्रभाव उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ तक देखने को मिलेगा।मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का मुख्य क्षेत्र रहने की संभावना है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
रायगढ़ समेत इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने रायगढ़, जशपुर, सक्ती, कोरबा और सारंगढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और वज्रपात हो सकता है।
वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
रायपुर में छाए रहेंगे बादल, उमस से लोग परेशान
राजधानी रायपुर में दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम और मुंगेली में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
वहीं राजधानी रायपुर में भी करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है। ऐसे में लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान का हाल
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2.7 डिग्री अधिक है।
प्रदेश में दुर्ग सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा में सबसे कम 22 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग की अपील
मौसम में बदलाव के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर या जर्जर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।