Monsoon Session 2026:परिसीमन विधेयक के लिए सरकार को चाहिए अतिरिक्त समर्थन, DMK की भूमिका अहम

नई दिल्ली: Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिनों में परिसीमन विधेयक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सरकार के लिए इस संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने में DMK के 22 लोकसभा सांसदों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। मौजूदा संख्या बल को देखते हुए केंद्र सरकार को विधेयक के लिए करीब 350 से 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

परिसीमन बिल पर DMK की भूमिका अहम

परिसीमन विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने खेमे को मजबूत करने में जुटे हैं। DMK ने अभी तक अपने रुख को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। ऐसे में पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन का रुख विधेयक की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू विपक्षी दलों को महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन की जरूरत का तर्क दे रहे हैं। वहीं विपक्ष अपनी एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

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लोकसभा में NDA के पास करीब 326 सांसद

मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार लोकसभा में NDA के पास करीब 319 सांसद हैं। इसमें तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) में हुई टूट के बाद सत्ता पक्ष के साथ आए सांसद भी शामिल हैं। YSR कांग्रेस के चार सांसदों और कुछ निर्दलीयों के समर्थन को जोड़ने पर सरकार के पक्ष में संख्या करीब 326 तक पहुंचती है।

हालांकि, संविधान संशोधन से जुड़े परिसीमन विधेयक को पारित कराने के लिए उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता होगी। इसलिए सरकार को अतिरिक्त समर्थन जुटाना जरूरी होगा।

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विपक्ष के सामने भी बड़ी चुनौती

विपक्षी खेमे के पास फिलहाल करीब 189 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है। अप्रैल में परिसीमन विधेयक के खिलाफ विपक्ष को इससे ज्यादा सांसदों का समर्थन मिला था, लेकिन इसके बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।

DMK के रुख में बदलाव होने पर विपक्ष की संख्या और कमजोर हो सकती है। यही वजह है कि सरकार और विपक्ष दोनों ही स्टालिन को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।

आज लोकसभा में पेश होंगे चार विधेयक

Monsoon Session 2026 के दौरान सोमवार को लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं। इनमें:

  • न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 — अर्जुन राम मेघवाल
  • खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 — जी. किशन रेड्डी
  • केरल (नाम में बदलाव) विधेयक, 2026 — अमित शाह
  • राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 — अमित शाह

वहीं राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर चर्चा होनी है, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इसके अलावा कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी विचार किया जाएगा।

परिसीमन विधेयक पर टिकी नजरें

मानसून सत्र के अंतिम दिनों में सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त संख्या जुटाना है। फिलहाल DMK के 22 सांसदों के रुख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्टालिन का फैसला परिसीमन विधेयक के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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