CGMSC को Supreme Court’ से राहत, हाईकोर्ट के 1 लाख जुर्माने का आदेश रद्द

Supreme Court’ रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें CGMSC पर 1 लाख रुपये का हर्जाना लगाया गया था। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद निगम की टेंडर प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद को बड़ा झटका लगा है।

टेंडर प्रक्रिया को लेकर था विवाद

मामला CGMSC की ओर से अपनाई गई टेंडर प्रक्रिया से जुड़ा था। टेंडर में भाग लेने वाली एक पक्ष की आपत्ति के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CGMSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निगम पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

Jhiram Ghati Case : झीरम कांड में 13 साल बाद फैसले की घड़ी करीब, NIA कोर्ट 31 अगस्त को सुनाएगी निर्णय

Advertisement

इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। शीर्ष अदालत ने पूरे मामले और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप किया।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से CGMSC को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए 1 लाख रुपये के हर्जाने के आदेश को रद्द कर दिया। इससे निगम की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट हुई है।

हालांकि, किसी टेंडर प्रक्रिया को लेकर अंतिम निष्कर्ष हमेशा संबंधित न्यायिक आदेश की विस्तृत भाषा और तथ्यों के आधार पर ही समझा जाना चाहिए।

नियमों के मुताबिक हुई थी प्रक्रिया

CGMSC राज्य में मेडिकल उपकरण, दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवश्यक सामग्री की खरीद और आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में उसकी टेंडर प्रक्रिया का पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होना बेहद अहम माना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निगम की ओर से अपनाई गई संबंधित प्रक्रिया को लेकर राहत की स्थिति बनी है। इससे भविष्य में टेंडर और खरीद प्रक्रिया को लेकर संस्थान के पक्ष को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

CGMSC की कार्यप्रणाली का सीधा संबंध राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से है। दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और अन्य जरूरी सामग्री की खरीद में टेंडर प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किसी भी विवाद के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने पर सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी असर पड़ सकता है।

Spread the love
Advertisement