Air India नई दिल्ली। एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट से जुड़ी एक गंभीर विमानन घटना की जांच में अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम एक साथ प्रभावित हो गए थे। इसके चलते करीब 4 सेकेंड तक पायलट को विमान के नियंत्रण में कठिनाई का सामना करना पड़ा और विमान लगभग 300 फीट नीचे आ गया।
अचानक आई तकनीकी खराबी
बताया जा रहा है कि विमान फुकेत से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। उड़ान के दौरान विमान में हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़ी तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम उड़ान नियंत्रण से जुड़े कई महत्वपूर्ण हिस्सों को संचालित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के एक साथ प्रभावित होने से विमान के नियंत्रण पर गंभीर असर पड़ा। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक कमी दर्ज की गई।
4 सेकेंड तक कंट्रोल में आई दिक्कत
जांच के अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण लगभग चार सेकेंड तक विमान पायलट के सामान्य नियंत्रण से बाहर रहा। इस दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया। हालांकि स्थिति को संभालते हुए पायलट और क्रू ने विमान को दोबारा नियंत्रित किया।
इतनी ऊंचाई पर अचानक गिरावट विमानन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर घटना मानी जाती है। यही वजह है कि मामले की तकनीकी जांच की जा रही है।
हाइड्रोलिक सिस्टम क्यों महत्वपूर्ण है?
विमान में हाइड्रोलिक सिस्टम कई महत्वपूर्ण नियंत्रण प्रणालियों को संचालित करने में मदद करता है। उड़ान के दौरान दिशा और नियंत्रण से जुड़े विभिन्न हिस्सों के संचालन में इसकी भूमिका होती है। सामान्य तौर पर बड़े वाणिज्यिक विमानों में एक से अधिक हाइड्रोलिक सिस्टम लगाए जाते हैं, ताकि किसी एक सिस्टम में खराबी आने पर दूसरे सिस्टम से बैकअप मिल सके।
तीनों सिस्टम के एक साथ प्रभावित होने की घटना इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच में जुटी एजेंसियां
घटना के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित विमानन सुरक्षा एजेंसियां और तकनीकी विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी किस वजह से आई, क्या किसी एक तकनीकी समस्या ने सभी सिस्टम को प्रभावित किया और भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।