Vastu Tips : नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और घर के मंदिर का विशेष महत्व माना गया है। वास्तु शास्त्र में भी घर के पूजा स्थल से जुड़े कई नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां किस दिशा में रखी गई हैं, उनका आकार कैसा है और उनकी स्थिति कैसी है, इन बातों का घर के वातावरण पर प्रभाव पड़ सकता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कुछ तरह की मूर्तियों को घर के मंदिर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की आशंका मानी जाती है।
खंडित मूर्तियां रखने से बचें
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में खंडित या टूटी हुई मूर्तियों को मंदिर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि ऐसी प्रतिमाएं पूजा स्थल की सकारात्मकता को प्रभावित कर सकती हैं। यदि पूजा के दौरान कोई मूर्ति टूट जाए, तो उसे सम्मानपूर्वक हटाकर धार्मिक परंपरा के अनुसार विसर्जित करने की सलाह दी जाती है।
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बहुत बड़ी मूर्तियां न रखें
घर के मंदिर में बहुत बड़ी प्रतिमाएं रखने को लेकर भी वास्तु शास्त्र में सावधानी बरतने की बात कही गई है। मान्यता के अनुसार, घरेलू पूजा स्थल के लिए मूर्तियों का आकार स्थान के अनुरूप होना चाहिए। मंदिर छोटा हो और प्रतिमा बहुत बड़ी हो, तो इसे वास्तु की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
उग्र स्वरूप वाली प्रतिमाओं को लेकर सावधानी
वास्तु मान्यताओं में देवी-देवताओं के शांत और सौम्य स्वरूप को घर के मंदिर के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, अत्यधिक उग्र स्वरूप वाली प्रतिमाओं को घर में स्थापित करने से पहले उचित धार्मिक विधि और नियमों का ध्यान रखना चाहिए। विशेष रूप से ऐसी प्रतिमाओं की स्थापना में जानकार पंडित या आचार्य की सलाह लेने की परंपरा रही है।
एक ही देवता की कई प्रतिमाएं रखने से बचें
घर के मंदिर में एक ही देवी या देवता की बहुत अधिक प्रतिमाएं रखने को भी कुछ वास्तु परंपराओं में उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि पूजा स्थल को व्यवस्थित और संतुलित रखना चाहिए। मंदिर में जरूरत से ज्यादा मूर्तियां या पूजा सामग्री रखने के बजाय साफ-सफाई और उचित व्यवस्था पर ध्यान देना बेहतर माना जाता है।
मूर्तियों की दिशा और स्थिति भी महत्वपूर्ण
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा स्थल की दिशा और मूर्तियों की स्थिति का भी विशेष महत्व है। आमतौर पर मंदिर को साफ-सुथरी और शांत जगह पर रखने की सलाह दी जाती है। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान, गंदगी या टूटे हुए पूजा उपकरण नहीं रखने चाहिए।