कोरबा: Chhattisgarh Crime News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में पकड़े गए पवन महतो को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि पुलिस अभिरक्षा में रहने के दौरान वह मोबाइल पर बात करता और गुटखा खाते हुए आराम से समय बिताता नजर आया। इस मामले ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पवन महतो अडानी पावर प्लांट में कार्यरत बताया जा रहा है। उस पर एक विधवा महिला को शादी का झांसा देकर लगातार दैहिक शोषण करने का आरोप है। इस मामले में 8 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, मेडिकल लीगल केस (MLC) की प्रक्रिया के दौरान आरोपी की तबीयत खराब होने की बात सामने आई, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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जनरल वार्ड की जगह स्पेशल वार्ड में भर्ती
इस मामले में सबसे ज्यादा सवाल आरोपी को अस्पताल में दी गई सुविधाओं को लेकर उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को जनरल वार्ड के बजाय स्पेशल वार्ड में रखा गया है। आरोप है कि वहां वह खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है और गुटखा भी खा रहा है। उसकी निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी को इस तरह की सुविधाएं मिलने की खबर के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
CSP ने क्या कहा?
मामले को लेकर सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी को तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए अस्पताल में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने कहा कि आरोपी को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ड्यूटी पर तैनात आरक्षकों की लापरवाही के आरोपों की जांच एसपी स्तर पर की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात भी कही गई है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका और अस्पताल में आरोपी की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ड्यूटी में किसी तरह की लापरवाही हुई है या नहीं।