Khappar Yatra 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ में आस्था और परंपरा से जुड़ी खप्पर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। आधी रात को देवी की विशेष यात्रा निकाली गई, जिसमें तलवार धारण किए देवी के स्वरूप ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। इस धार्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल हुए। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और देवी के दर्शन कर सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। खप्पर यात्रा को प्रदेश की विशिष्ट धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है, जिसमें शक्ति उपासना का विशेष महत्व है।
आधी रात को निकली देवी की खप्पर यात्रा
खप्पर यात्रा के दौरान देवी के स्वरूप को पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ निकाला जाता है। आधी रात के समय आयोजित इस यात्रा में तलवार धारण किए देवी के स्वरूप को देखने के लिए श्रद्धालु जुटे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी का यह स्वरूप शक्ति, साहस और दुष्ट शक्तियों पर विजय का प्रतीक माना जाता है।
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यात्रा के दौरान श्रद्धालु देवी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। पूरे वातावरण में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय परंपराओं के अनुसार, इस तरह के आयोजन में देवी की आराधना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
डिप्टी CM विजय शर्मा भी हुए शामिल
खप्पर यात्रा में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। उन्होंने धार्मिक आयोजन में शामिल होकर देवी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उनकी सहभागिता के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला।
हालांकि, यात्रा के दौरान उनके कार्यक्रम से जुड़ी अन्य गतिविधियों और संबोधन के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है खप्पर यात्रा की धार्मिक मान्यता?
खप्पर यात्रा शक्ति उपासना से जुड़ी एक पारंपरिक धार्मिक यात्रा है। इसमें देवी के उग्र और शक्तिशाली स्वरूप की आराधना की जाती है। खप्पर को देवी के विशेष स्वरूप और धार्मिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस यात्रा की परंपराओं और पूजा-विधि में अंतर हो सकता है।
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि देवी की आराधना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और समाज में सुख-शांति बनी रहती है। इसी विश्वास के साथ लोग यात्रा में शामिल होकर पूजा-अर्चना करते हैं।