Serbia Gen Z Protest: सर्बिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 25 अक्टूबर 2026 को हुए संसदीय चुनाव में छात्र आंदोलन से जुड़ी ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने शानदार प्रदर्शन किया है। लंबे समय से सर्बिया की राजनीति में दबदबा बनाए रखने वाले अलेक्जेंडर वुसिक के नेतृत्व वाले गठबंधन को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। शुरुआती चुनावी अनुमानों के मुताबिक, छात्र समर्थित गठबंधन संसद में स्पष्ट बहुमत हासिल करने की स्थिति में है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वुसिक ने शुरुआती नतीजों के आधार पर अपनी हार स्वीकार कर ली है। हालांकि, चुनाव के अंतिम नतीजों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इस जीत को सर्बिया में लगभग दो साल से चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
स्टूडेंट लिस्ट को कितनी सीटें मिलने का अनुमान?
सर्बिया के संसदीय चुनाव में छात्र समर्थित ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने सत्तारूढ़ गठबंधन को कड़ी चुनौती दी। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, स्टूडेंट लिस्ट को संसद की 250 सीटों में से लगभग 135 से 140 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, अलेक्जेंडर वुसिक के नेतृत्व वाले गठबंधन को करीब 105 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। सरकार बनाने के लिए संसद में कम से कम 126 सीटों की जरूरत है।
सर्बिया के चुनाव आयोग की ओर से 26 अक्टूबर को जारी शुरुआती आंकड़ों में भी छात्र समर्थित सूची को बढ़त मिली। 8,077 मतदान केंद्रों के आंकड़ों के आधार पर स्टूडेंट लिस्ट को 52.54 प्रतिशत और वुसिक के गठबंधन को 39.29 प्रतिशत वोट मिले। ये आंकड़े शुरुआती थे और मतगणना आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव संभव था।
CG Cash Seizure : पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पिकअप के गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जा रहे थे 4 करोड़ रुपए
कौन हैं अलेक्जेंडर वुसिक?
अलेक्जेंडर वुसिक सर्बिया की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। उनकी पार्टी, सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS), वर्ष 2012 से देश की राजनीति में प्रभावशाली स्थिति में रही है। वुसिक ने 2014 में प्रधानमंत्री और 2017 में राष्ट्रपति का पद संभाला था।
उनकी सरकार को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारी लंबे समय से भ्रष्टाचार, सरकारी जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं। अक्टूबर 2026 के संसदीय चुनाव में छात्र आंदोलन से जुड़े उम्मीदवारों की जीत ने वुसिक के राजनीतिक प्रभुत्व को बड़ा झटका दिया है।
नोवी साद रेलवे स्टेशन हादसे से कैसे शुरू हुआ आंदोलन?
सर्बिया में छात्र आंदोलन की शुरुआत नवंबर 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन की छत का एक हिस्सा गिरने की घटना के बाद हुई थी। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद देश में सरकारी लापरवाही, भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी को लेकर व्यापक आक्रोश फैल गया।
विश्वविद्यालयों के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए और सरकार से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धीरे-धीरे यह आंदोलन देशव्यापी हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही की मांग उठाई।
Gen Z के आंदोलन ने कैसे बदली सर्बिया की राजनीति?
सर्बिया में छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल गया। विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन और संस्थानों की नाकेबंदी के जरिए छात्रों ने सरकार पर दबाव बनाया।
इस आंदोलन की खास बात यह रही कि छात्रों ने केवल विरोध प्रदर्शन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि चुनाव में हिस्सा लेने के लिए अपना समर्थन ‘स्टूडेंट लिस्ट’ को दिया। शुरुआती चुनावी नतीजों में इस सूची की बढ़त ने दिखाया कि भ्रष्टाचार और जवाबदेही जैसे मुद्दे मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण रहे।