ED Raid in Chhattisgarh : रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मंगलवार सुबह रायपुर और दुर्ग में छापेमारी की। रायपुर के पंडरी क्षेत्र स्थित रवि नगर के सुशील विला में कारोबारी नितिन डागा के घर पर जांच की गई। वहीं, दुर्ग की ऋषभ कॉलोनी में गुलशन बघेल के आवास पर भी ED की टीम पहुंची। दोनों स्थानों पर अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले में होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रायपुर में सुबह करीब 4 बजे पहुंची ED की टीम
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के पंडरी इलाके में रवि नगर स्थित सुशील विला में मंगलवार सुबह करीब 4 बजे ED की टीम पहुंची। यहां कारोबारी नितिन डागा के आवास पर अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। टीम की कार्रवाई सुबह से जारी रहने की जानकारी है।
नितिन डागा का ज्वेलरी और जमीन के कारोबार से जुड़ा होना बताया जा रहा है। हालांकि, छापेमारी के पीछे की वजह और जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी अब तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।
दुर्ग में गुलशन बघेल के घर भी दबिश
रायपुर के अलावा दुर्ग में भी ED की टीम ने कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, दुर्ग की ऋषभ कॉलोनी स्थित गुलशन बघेल के आवास पर अधिकारी पहुंचे। टीम दो गाड़ियों में पहुंची थी और इसमें 10 से अधिक अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल दुर्ग में भी जांच जारी होने की सूचना है। अधिकारियों ने किन दस्तावेजों या लेन-देन से संबंधित जानकारी की जांच की, इस बारे में आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले में कार्रवाई की आशंका
रायपुर और दुर्ग में हुई इस कार्रवाई को भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों स्थानों पर छापेमारी किसी एक मामले के तहत की गई है या अलग-अलग जांच के सिलसिले में कार्रवाई हुई है। जांच का दायरा और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के बारे में भी फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
ED की कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी, बरामदगी या जांच के निष्कर्ष को लेकर आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मामले में प्रवर्तन निदेशालय की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही छापेमारी के कारणों और जांच की दिशा को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।