A Major Diplomatic Victory For India : अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हुआ भारत, चीन के तकनीकी दबदबे को मिलेगी चुनौती

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तकनीकी और व्यापारिक भरोसे के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को भारत औपचारिक रूप से अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) गठबंधन में शामिल हो गया। नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

क्या है ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन?

‘पैक्स सिलिका’ अमेरिका के विदेश विभाग द्वारा शुरू की गई एक रणनीतिक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर की दुनिया में एक सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) तैयार करना है।

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  • लक्ष्य: महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals), चिप निर्माण और एआई बुनियादी ढांचे के लिए एक ऐसा नेटवर्क बनाना, जो किसी एक देश (विशेषकर चीन) पर निर्भर न हो।

  • सदस्य देश: इस गठबंधन में अमेरिका के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, यूके, इजरायल, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश शामिल हैं। अब भारत इस प्रभावशाली समूह का पूर्ण सदस्य बन गया है।

भारत को इससे क्या होगा फायदा?

भारत का इस गठबंधन में शामिल होना देश की डिजिटल और औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है:

  1. सेमीकंडक्टर हब बनने में मदद: भारत को अत्याधुनिक चिप डिजाइन और निर्माण (Fabrication) के लिए वैश्विक निवेश और तकनीक तक सीधी पहुंच मिलेगी।

  2. चीन पर निर्भरता कम होगी: महत्वपूर्ण खनिजों और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चीन पर निर्भर रहने के बजाय, भारत अब ‘भरोसेमंद साझेदारों’ के नेटवर्क से जुड़ सकेगा।

  3. AI क्रांति को गति: भारत के विशाल इंजीनियरिंग टैलेंट को वैश्विक एआई इकोसिस्टम के साथ मिलकर काम करने का मौका मिलेगा, जिससे ‘इंडिया एआई मिशन’ को नई ताकत मिलेगी।

  4. आर्थिक सुरक्षा: यह समझौता केवल व्यापार के बारे में नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।

असमंजस के बाद बनी बात

गौरतलब है कि जब दिसंबर 2025 में ‘पैक्स सिलिका’ को लॉन्च किया गया था, तब भारत इसका हिस्सा नहीं था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) और द्विपक्षीय वार्ताओं में आई तेजी के बाद, अमेरिका ने भारत को इसमें शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया।

विशेषज्ञ की राय: “पैक्स सिलिका में भारत का प्रवेश यह दर्शाता है कि दुनिया अब भारत को केवल एक उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण ‘तकनीकी शक्ति’ के रूप में देख रही है।”

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