कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासी गलियारों में एक कथित वायरल वीडियो ने भूकंप ला दिया है। ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के चेयरमैन और पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर ममता सरकार को गिराने और भारी भरकम सौदेबाजी की चर्चा करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में हुमायूं कबीर को कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि:
-
₹1000 करोड़ की डील: वे बीजेपी नेताओं के साथ 1000 करोड़ रुपये के सौदे पर चर्चा कर रहे हैं।
-
PMO का जिक्र: वीडियो में हुमायूं दावा कर रहे हैं कि वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संपर्क में हैं।
-
डिप्टी सीएम का पद: कबीर ने वीडियो में कथित तौर पर कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो उन्हें उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जाएगा।
-
मुस्लिम वोटों पर रणनीति: वे सुवेंदु अधिकारी और हिमंता बिस्व सरमा जैसे नेताओं के संपर्क में रहकर मुस्लिम वोटों को बांटने की रणनीति पर बात करते दिख रहे हैं।
TMC हमलावर: “ED चुप क्यों है?”
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और कुणाल घोष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस वीडियो को साझा किया।
-
जांच की मांग: कुणाल घोष ने सवाल उठाया कि भ्रष्टाचार पर तुरंत एक्शन लेने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस ‘1000 करोड़’ के मामले पर चुप क्यों है?
-
वोट काटने की साजिश: टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्य में मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए ‘बी’ और ‘सी’ टीमें (हुमायूं कबीर की पार्टी जैसी) तैयार कर रही है।
-
भावनाओं का व्यापार: फिरहाद हकीम ने कहा कि हुमायूं कबीर मस्जिद और धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं।
हुमायूं कबीर की सफाई: “यह AI का कमाल है”
विवाद बढ़ता देख हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि:
-
फेक वीडियो: यह वीडियो पूरी तरह से नकली है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उनके खिलाफ साजिश रचने के लिए बनाया गया है।
-
कानूनी कार्रवाई: कबीर ने टीएमसी के नेताओं पर मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है।
-
नेताओं से मुलाकात से इनकार: उन्होंने कहा कि वे कभी भी हिमंता बिस्व सरमा या मोहन यादव से नहीं मिले हैं।
सियासी समीकरणों पर असर
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले इस वीडियो का आना अल्पसंख्यक राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हुमायूं कबीर, जिन्हें ममता बनर्जी ने पिछले साल निलंबित कर दिया था, अब बीजेपी के “प्रॉक्सी प्लेयर” होने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।