Battle In Karachi : ‘जीने दो कराची को’ नारे के साथ सड़क पर उतरी जमात-ए-इस्लामी, पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले

कराची, पाकिस्तान शनिवार, 14 फरवरी 2026 पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची शनिवार को एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गई. शहर की बदहाल बुनियादी सुविधाओं और खराब सड़कों के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी (JI) के कार्यकर्ताओं ने ‘जीने दो कराची को’ अभियान के तहत सिंध असेंबली के बाहर एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया. हालांकि, यह प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई.

मुख्य घटनाक्रम: रेड ज़ोन में तनाव

जमात-ए-इस्लामी के सैकड़ों कार्यकर्ता सिंध असेंबली के बाहर अनिश्चितकालीन धरने के लिए जमा हुए थे. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि शहर के खराब ड्रेनेज सिस्टम, टूटी सड़कों और बदतर नागरिक सुविधाओं को तुरंत ठीक किया जाए.

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  • पुलिस की कार्रवाई: जब प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित ‘रेड ज़ोन’ में प्रवेश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग का सहारा लिया. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के दर्जनों गोले दागे.

  • गिरफ्तारी और ज़ब्ती: पुलिस ने जमात-ए-इस्लामी के कम से कम 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. इसके अलावा, विरोध प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे साउंड सिस्टम और एक ट्रक को भी ज़ब्त कर लिया गया है.

सरकार बनाम प्रदर्शनकारी: आरोप-प्रत्यारोप

सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि प्रशासन ने पहले ही रेड ज़ोन में प्रवेश न करने की चेतावनी दी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी की और असेंबली में घुसकर तोड़फोड़ की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.

दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी के कराची प्रमुख मुनीम जफर ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा:

“हम केवल कराची के लोगों के हक की बात कर रहे थे. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज करना सिंध सरकार की बौखलाहट और विफलता का प्रमाण है.”

कराची की जनता की मांगें

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कराची जैसे बड़े शहर को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है. उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. सड़क सुधार: शहर की मुख्य और आंतरिक सड़कों की तत्काल मरम्मत.

  2. ड्रेनेज व्यवस्था: जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान.

  3. स्थानीय निकाय शक्ति: स्थानीय सरकार को सशक्त बनाना ताकि नागरिक मुद्दों का निपटारा जमीनी स्तर पर हो सके.

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