लापरवाही की भट्टी में झुलसी मासूमियत
हादसा 5 फरवरी को उस वक्त हुआ जब प्लांट में पुराने टायरों को पिघलाकर तेल निकालने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फर्नेस (भट्टी) का ढक्कन खोलते ही भारी दबाव के साथ गर्म गैस और आग का गोला बाहर निकला। इस आग ने वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। शिव खड़िया (27) और उनकी पत्नी उदशिनी (25) अपनी छोटी बच्ची के साथ वहीं मौजूद थे। आग की लपटों ने मासूम भूमि को 80% से ज्यादा झुलसा दिया था, जिसकी इलाज के दौरान रायपुर में मौत हो गई।
अधिकारियों की सख्ती: मैनेजरों पर FIR दर्ज
रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए प्लांट के चीफ मैनेजर रूपेश शर्मा और मैनेजर प्रेम सागर त्रिपाठी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और फैक्ट्री एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“यह पूरी तरह से सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला है। भट्टी को बिना ठंडा किए खोलने की जल्दबाजी ने मासूमों की जान ले ली। हमने प्रोपराइटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और जांच जारी है।” — अनिल कुमार सोनी, एडिशनल एसपी, रायगढ़