रायपुर : छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित Census 2026 को लेकर राज्य सरकार ने कमर कस ली है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और छत्तीसगढ़ जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस महाअभियान के लिए पूरे प्रदेश में 62,500 कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
दो चरणों में पूरी होगी डिजिटल गणना
इस बार की जनगणना आधुनिक तकनीकों से लैस होगी। जनगणना कार्य निदेशक के अनुसार, Census 2026 का पहला चरण पूरी तरह से मकानों के विवरण पर केंद्रित होगा।
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पहला चरण (मई 2026): मकान सूचीकरण और मकानों की गणना।
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दूसरा चरण (फरवरी 2027): व्यक्तियों की गणना और विस्तृत सांख्यिकीय डेटा संग्रह।
घर-घर जाकर पूछे जाएंगे 33 प्रश्न
जनगणना के दौरान प्रगणक (Enumerators) हर घर तक पहुँचेंगे। इस बार प्रश्नावली को काफी विस्तृत बनाया गया है, जिसमें कुल 33 प्रश्न शामिल होंगे। इन प्रश्नों के माध्यम से परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, घर में उपलब्ध सुविधाएं, साक्षरता दर और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। यह डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
62,500 कर्मचारियों की बड़ी फौज तैनात
छत्तीसगढ़ के कोने-कोने तक पहुँचने के लिए सरकार ने 62,500 सरकारी कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया है। इसमें शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकाय के कर्मचारियों की मुख्य भूमिका होगी। इन सभी कर्मचारियों को डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एंट्री करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि Census 2026 की प्रक्रिया त्रुटिहीन और पारदर्शी रहे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का होगा उपयोग
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस बार कागज की जगह डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी जा रही है। मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे गणना के परिणाम जल्द जारी करने में मदद मिलेगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी प्रदान कर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें।