रायपुर | 8 अप्रैल, 2026 छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद मुख्यमंत्री सचिवालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव के लिए आज राहत भरी खबर आई है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा दी गई जमानत की शर्तें पूरी होने के बाद आज दोनों के जेल से बाहर आने की प्रबल संभावना है।
हाईकोर्ट ने पहले ही दी थी सशर्त जमानत
जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पिछले महीने ही दोनों आरोपियों को जमानत दे दी थी। हालांकि, अदालत ने रिहाई के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रखी थी— मामले में चालान (Charge-sheet) पेश होना। जांच एजेंसियों (EOW और ED) द्वारा अदालत में चालान पेश किए जाने के बाद अब यह तकनीकी बाधा दूर हो गई है।
रिहाई की प्रक्रिया और शर्तें
आज रायपुर की विशेष अदालत में जमानत मुचलका (Bail Bond) और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। रिहाई के लिए कुछ कड़ी शर्तें भी लागू रह सकती हैं:
-
पासपोर्ट जमा करना: बिना अनुमति देश छोड़ने पर पाबंदी।
-
जांच में सहयोग: आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियों के समक्ष उपस्थिति।
-
गवाहों से दूरी: मामले से जुड़े गवाहों को प्रभावित न करने की हिदायत।
क्या है पूरा मामला?
सौम्या चौरसिया को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2022 के अंत में कोयला लेवी मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन पर शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप लगे। जांच एजेंसियों का दावा है कि राज्य में 2019 से 2023 के बीच शराब व्यापार में सिंडिकेट बनाकर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया। केके श्रीवास्तव पर भी इस सिंडिकेट का हिस्सा होने और अवैध धन के प्रबंधन के आरोप हैं।