CG NEWS : पीलिया का खतरा, सेक्टर-7 में 7 नए मरीज मिलने से हड़कंप

भिलाई।’ छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में जलजनित बीमारियों ने दस्तक दे दी है, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुर्ग जिले के भिलाई अंतर्गत सेक्टर-7 क्षेत्र का दौरा किया, जहां पीलिया के मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। सर्वे के दौरान कुल 7 नए संक्रमित पाए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। यह संक्रमण मुख्य रूप से वार्ड संख्या 67 की सड़क 37-ए में केंद्रित पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग अब घर-घर जाकर पानी के सैंपल ले रहा है और प्रभावित मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में जुटा है।

वार्ड-67 बना संक्रमण का हॉटस्पॉट

भिलाई के सेक्टर-7 स्थित वार्ड-67 में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में पेयजल की पाइपलाइन में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी। माना जा रहा है कि सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन के आपस में मिलने के कारण पानी प्रदूषित हुआ, जिससे लोग पीलिया के मरीज बन रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित सड़क 37-ए को चिन्हित कर वहां विशेष शिविर लगाया है।

iPhone Price Drop: मिड-रेंज Android की कीमत में मिल रहा है iPhone, Flipkart और Amazon पर मची लूट

Advertisement

स्वास्थ्य विभाग की टीम का सघन सर्वे

पीलिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को छुट्टी के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया।

सावधानी और बचाव के निर्देश

जिला स्वास्थ्य विभाग ने भिलाई के नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि पीलिया एक गंभीर स्थिति हो सकती है यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए। संक्रमण से बचने के लिए प्रशासन ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. पानी को हमेशा उबालकर और छानकर ही पिएं।

  2. खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों का सेवन बिल्कुल न करें।

  3. घर के आसपास जलजमाव न होने दें और सफाई का विशेष ध्यान रखें।

नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई

भिलाई नगर निगम के आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की लाइनों का तत्काल ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को बदलने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में पीलिया के मरीज बढ़ने की संभावना को खत्म किया जा सके। फिलहाल, प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

Spread the love
Advertisement