CG News , रायपुर। छत्तीसगढ़ को खनिज संपदा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। प्रदेश की प्रमुख गोपाल टोला लौह अयस्क खदान की ई-नीलामी सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस नीलामी में पश्चिम बंगाल की कंपनी जोडियाक डीलर प्राइवेट लिमिटेड ने सवा सौ प्रतिशत से अधिक की ऊंची बोली लगाकर खदान अपने नाम कर ली है। इस नीलामी से राज्य सरकार को अनुमानित 6,620 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा, जिसे प्रदेश के विकास कार्यों में लगाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केसीजी (कांकेर-कोंडागांव-गरियाबंद) क्षेत्र के निकट स्थित गोपाल टोला लौह अयस्क ब्लॉक की ई-नीलामी केंद्र सरकार की अधिकृत एजेंसी एमएमटीसी (MMTC) के माध्यम से की गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें देश की कई प्रतिष्ठित खनन कंपनियों ने हिस्सा लिया।
नीलामी के दौरान जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। कई कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर के बाद अंततः जोडियाक डीलर ने सवा सौ प्रतिशत से अधिक प्रीमियम की बोली लगाकर खदान हासिल की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बोली छत्तीसगढ़ की खनिज संभावनाओं और लौह अयस्क की मजबूत मांग को दर्शाती है।
राज्य खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गोपाल टोला खदान में उच्च गुणवत्ता का लौह अयस्क भंडार मौजूद है। इसके संचालन से न केवल राज्य को भारी राजस्व मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खनन गतिविधियों से आसपास के क्षेत्रों में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी।
सरकार का कहना है कि खदान संचालन के दौरान पर्यावरणीय नियमों और सामाजिक दायित्वों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों के हितों की रक्षा, पुनर्वास और विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, खनन से प्राप्त राजस्व का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा।