रायपुर: छत्तीसगढ़ में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज करने के संकेत देते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को ही पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से आत्मसमर्पण की सुविधा बंद कर दी जाएगी। इसके बाद यदि कोई माओवादी सरेंडर करता है, तो उसे सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।
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सरकार का कहना है कि यह निर्णय माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार करने और हिंसा पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। फरवरी से सुरक्षा बलों द्वारा कड़ा और व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन ने माओवादियों से अपील की है कि वे समय रहते हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं, क्योंकि इसके बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।