रायपुर | 30 मार्च, 2026 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज नगर निगम के बजट सत्र की शुरुआत बेहद हंगामेदार रही। सामान्य सभा की बैठक शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी तलवारें खिंच गईं। बजट पेश होने से पहले ही सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त गहमागहमी देखने को मिली, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
कार्यवाही शुरू होते ही शुरू हुआ प्रदर्शन
जैसे ही मेयर मीनल चौबे, निगम सभापति और पार्षद सदन में एकत्र हुए, कांग्रेस पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने सदन के भीतर नारेबाजी की, जिससे चर्चा शुरू होने से पहले ही माहौल गरमा गया। विपक्ष का आरोप है कि शहर के विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है और बजट में जनता की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया है।
पक्ष-विपक्ष में तीखी नोकझोंक
सदन में मौजूद मेयर मीनल चौबे और सत्ता पक्ष के पार्षदों ने विपक्ष के हंगामे का कड़ा विरोध किया। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। सभापति ने बार-बार पार्षदों से शांत होने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी पार्षद अपनी मांगों पर अड़े रहे।
प्रमुख मुद्दे जिन पर मचा बवाल
-
विकास कार्य: शहर की रुकी हुई परियोजनाओं और सड़कों की बदहाली।
-
पेयजल समस्या: गर्मी की शुरुआत के साथ ही वार्डों में पानी की किल्लत।
-
सफाई व्यवस्था: शहर के कई इलाकों में कचरा प्रबंधन की विफलता।