CG News , रायगढ़। जिला जेल रायगढ़ में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब विशेष जांच अभियान के दौरान चार बंदियों के 18 वर्ष से कम उम्र के होने की जानकारी सामने आई। यह जांच जिला बाल संरक्षण इकाई रायगढ़ द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के माध्यम से की गई, जिसका उद्देश्य जेल में बंद बंदियों की वास्तविक आयु का सत्यापन करना था।
CG News : जिला जेल में चौंकाने वाला खुलासा, 18 साल से कम उम्र के 4 बंदी पाए जाने से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में यह आशंका जताई जा रही थी कि कुछ मामलों में आयु का त्रुटिपूर्ण निर्धारण कर नाबालिगों को वयस्क मानते हुए जिला जेल में रखा जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई ने विशेषज्ञ समिति का गठन कर विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया।

विशेषज्ञ समिति ने आज जिला जेल रायगढ़ के सभी बैरकों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने प्रत्येक बंदी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके दस्तावेजों के आधार पर आयु सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई। पूछताछ के दौरान चार बंदियों ने स्वयं को 18 वर्ष से कम उम्र का बताया, जिससे जेल प्रशासन और जांच टीम में हलचल मच गई।

समिति ने प्रारंभिक तौर पर इन बंदियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और अब उनकी वास्तविक आयु की पुष्टि के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। यदि ये बंदी नाबालिग पाए जाते हैं, तो किशोर न्याय अधिनियम के तहत उन्हें जिला जेल से हटाकर किशोर गृह भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आयु सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी नाबालिग को वयस्क जेल में न रखा जाए।

जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।