- बड़ा रेस्क्यू: 226 बटालियन ने सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए 3 शक्तिशाली आईईडी बरामद किए।
- घातक हथियार: बरामद आईईडी का वजन 1 किलो, 2 किलो और 4 किलो पाया गया।
- सफलता: जवानों को निशाना बनाने की साजिश फेल, आईईडी को सुरक्षित तरीके से मौके पर ही नष्ट किया गया।
Chhattisgarh Anti Naxal Operation , सुकमा — छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक बड़े मंसूबे को मिट्टी में मिला दिया है। जगरगुंडा-नरसापुरम मार्ग पर सर्चिंग के लिए निकली 226 बटालियन के जवानों ने तीन आईईडी का पता लगाया। ये बम सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के मकसद से रास्ते में दबाए गए थे। बम निरोधक दस्ते ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन्हें बरामद किया और सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
ऑपरेशन रिपोर्ट जगरगुंडा मार्ग पर बिछा था मौत का जाल
शनिवार को जब बटालियन के जवान रुटीन सर्चिंग पर थे, तब उनकी नजर संदिग्ध मिट्टी और तारों पर पड़ी। गहन जांच करने पर सड़क के नीचे दबे हुए तीन अलग-अलग क्षमता के बम मिले। नक्सलियों ने इन्हें सीरीज में लगाने की कोशिश की थी ताकि गश्ती दल को भारी चोट पहुंचाई जा सके।
- लोकेशन: जगरगुंडा-नरसापुरम मुख्य मार्ग।
- कुल वजन: बरामद बमों का कुल वजन 7 किलो (1kg, 2kg, 4kg) था।
- यूनिट: सुरक्षाबल की 226 बटालियन।
जवानों की सतर्कता की वजह से एक बड़ा धमाका होने से टल गया। आईईडी इतने शक्तिशाली थे कि उनकी चपेट में आने पर वाहन के परखच्चे उड़ सकते थे। इलाके में सुरक्षाबलों ने सर्चिंग तेज कर दी है ताकि अन्य छिपे हुए खतरों का पता लगाया जा सके।
“जवानों ने जगरगुंडा-नरसापुरम मार्ग पर मुस्तैदी दिखाते हुए इन आईईडी को खोज निकाला। माओवादी अक्सर सर्चिंग पार्टियों को रोकने के लिए ऐसे रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। बमों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है और सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।”
— जिला पुलिस अधिकारी, सुकमा