Chhattisgarh Government , रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे सकारात्मक बदलावों और मजबूत होती प्रशासनिक संस्कृति को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की। यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए 10 उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इसी सोच का परिणाम है, जो नवाचार करने वाले अधिकारियों और विभागों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
सरकार के अनुसार, चयनित नवाचारों में डिजिटल गवर्नेंस, सेवा वितरण में सुधार, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शिता बढ़ाने वाली पहल, ग्रामीण और शहरी विकास से जुड़े मॉडल, तथा सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े प्रयास शामिल हैं। इन नवाचारों ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, बल्कि आम लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवाचार ही सुशासन की असली पहचान है। जब अधिकारी परंपरागत तरीकों से हटकर जनता की जरूरतों को समझते हुए नए समाधान अपनाते हैं, तभी शासन व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि इन पुरस्कारों के माध्यम से अन्य जिलों और विभागों को भी ऐसे नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, चयन प्रक्रिया में नवाचार की उपयोगिता, उसकी स्थायित्व क्षमता, आम जनता पर उसका प्रभाव और पारदर्शिता जैसे मानकों को प्राथमिकता दी गई है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले जिलों और विभागों को सम्मान के साथ-साथ प्रशस्ति पत्र और अन्य प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे।