क्यों लिया गया ट्रेनों को रद्द करने का फैसला?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नागपुर रेल मंडल में बुनियादी ढांचे के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए सिविल इंजीनियरिंग कार्य किया जाना है। इस दौरान समपार फाटक पर पुराने गर्डरों को हटाने का काम होगा। सुरक्षा कारणों से ट्रैक पर ‘ट्रैफिक ब्लॉक’ लिया गया है, जिसके चलते इस रूट पर चलने वाली लोकल और मेमू ट्रेनों का परिचालन संभव नहीं होगा।
रद्द होने वाली प्रमुख ट्रेनों की सूची
6 मार्च से 8 मार्च के बीच प्रभावित होने वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल हैं:
- बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
- रायपुर-इतवारी-रायपुर मेमू
- गोंदिया-कटंगी-गोंदिया पैसेंजर
- दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच चलने वाली कुछ लोकल ट्रेनें
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन की सटीक स्थिति जांचने के बाद ही घर से निकलें।
“रेलवे के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए यह ब्लॉक अनिवार्य है। गर्डर डी-लांचिंग का कार्य पूरा होते ही परिचालन सामान्य कर दिया जाएगा। यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए हमें खेद है।”
— मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन दैनिक यात्रियों (Daily Commuters) पर पड़ेगा जो नौकरी या व्यापार के सिलसिले में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया के बीच सफर करते हैं। मेमू ट्रेनों के रद्द होने से बस स्टैंडों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। बिलासपुर और रायपुर के प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त पूछताछ काउंटर खोले गए हैं। 9 मार्च से सभी ट्रेनों के अपने निर्धारित समय पर चलने की उम्मीद है।