- विवाद का केंद्र: बलरामपुर नगर पालिका CMO प्रवण राय पर पार्षद से गाली-गलौज और धमकी देने का गंभीर आरोप।
- ऑडियो साक्ष्य: एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, जिसमें अधिकारी शालीनता की सीमा लांघते सुनाई दे रहे हैं।
- प्रशासनिक टकराव: इस घटना के बाद पार्षद गुट ने अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कार्रवाई की मांग की है।
CMO Pravan Rai , बलरामपुर — बलरामपुर नगर पालिका के प्रशासनिक गलियारों में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रवण राय की एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक हुई। इस ऑडियो ने नगर पालिका के अनुशासन को सीधे तौर पर ‘ऑफ-साइड’ कर दिया है। रिकॉर्डिंग में अधिकारी न केवल पार्षद के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कथित तौर पर धमकी देते भी सुनाई दे रहे हैं। इस घटना ने शहर की राजनीति में ‘पावर प्ले’ की स्थिति पैदा कर दी है, जहाँ जनप्रतिनिधि अब अधिकारी को सस्पेंड करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
मैदान पर ‘स्लेजिंग’ का खेल: क्या है पूरा मामला?
बलरामपुर नगर पालिका में विकास कार्यों और प्रशासनिक तालमेल का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। अधिकारी और पार्षदों के बीच का यह टकराव अब ‘पर्सनल अटैक’ तक पहुंच गया है।
- शालीनता की सीमा: वायरल ऑडियो में सीएमओ कथित तौर पर संवैधानिक मर्यादाओं को भूलकर तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- राजनीतिक उबाल: पार्षदों का आरोप है कि प्रवण राय अक्सर तानाशाही रवैया अपनाते हैं और जनप्रतिनिधियों की बात अनसुनी कर देते हैं।
- जांच का दबाव: जिले के वरिष्ठ अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद अब इस कॉल रिकॉर्डिंग की सत्यता की जांच की जा रही है।
घटना के बाद से ही जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर यह रिकॉर्डिंग सही पाई जाती है, तो अधिकारी के करियर पर ‘बड़ा जुर्माना’ लगना तय माना जा रहा है।
“एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। यह न केवल मेरा अपमान है, बल्कि पूरे नगर पालिका और बलरामपुर की जनता का अनादर है। हम इस मामले को कलेक्टर के सामने रखेंगे।”
— पीड़ित पार्षद, बलरामपुर नगर पालिका