रायपुर। आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से, रायपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और बदमाश को जिले की सीमाओं से निष्कासित कर दिया है। जिला दण्डाधिकारी (DM) रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत यह आदेश जारी किया है, जिसके तहत जोगिन्दर बाघ (पिता: हरि बाघ, उम्र: 19 वर्ष), निवासी दीपक कॉलोनी, थाना न्यू राजेन्द्र नगर, को जिला बदर किया गया है।
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निष्कासन और प्रवेश निषेध की अवधि
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिला बदर किए गए व्यक्ति को निम्नलिखित समय सीमाओं का सख्ती से पालन करना होगा:
- जिले से बाहर जाने की अंतिम तिथि: जोगिन्दर बाघ को आदेश जारी होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर, यानी 09 नवम्बर 2025 तक रायपुर जिले सहित पड़ोसी जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा।
- प्रवेश निषेध अवधि: वह 02 फरवरी 2026 तक सक्षम न्यायालय से विशेष अनुमति प्राप्त किए बिना रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
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प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला दण्डाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जोगिन्दर बाघ इस आदेश का किसी भी प्रकार से उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई अपराधियों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह कार्रवाई आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों का एक हिस्सा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के कठोर कदम उठाकर, जिले में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और शांति व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
अपराधी की गतिविधियाँ थीं समाज विरोधी
सूत्रों के अनुसार, जोगिन्दर बाघ पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी गतिविधियाँ लंबे समय से पुलिस और प्रशासन की निगरानी में थीं। बताया जा रहा है कि आरोपी क्षेत्र में दहशत फैलाने, झगड़े-फसाद और अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद उसने अपनी आदतों में सुधार नहीं किया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।