वेन्यू बदलने पर बढ़ा विवाद: सिलीगुड़ी में होना था कार्यक्रम
विवाद की मुख्य जड़ राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल यानी वेन्यू में हुआ अचानक बदलाव है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति का मूल कार्यक्रम सिलीगुड़ी में तय किया गया था। हालांकि, ममता बनर्जी सरकार ने ऐन वक्त पर सुरक्षा या प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बदल दिया। केंद्र सरकार इसे राष्ट्रपति के तय प्रोटोकॉल का उल्लंघन मान रही है। गृह मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि क्या राज्य सरकार ने इस बदलाव के लिए राष्ट्रपति भवन से अग्रिम अनुमति ली थी।
प्रोटोकॉल में चूक और प्रशासनिक जवाबदेही
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति के प्रवास और अगवानी की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य के प्रशासनिक अमले की होती है। सिलीगुड़ी जैसे संवेदनशील इलाके में, जो चिकन नेक कॉरिडोर के करीब है, बिना ठोस वजह के वेन्यू बदलना सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ी खामी माना जा रहा है। गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुख्य सचिव से पूछा है कि यह निर्णय किस स्तर पर लिया गया और इसके पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
“राष्ट्रपति के दौरे का प्रोटोकॉल अत्यंत संवेदनशील होता है। यदि कार्यक्रम स्थल या अगवानी की योजना में कोई भी बदलाव होता है, तो उसका विस्तृत विवरण और कारण स्पष्ट होना चाहिए। हमने बंगाल सरकार को आज शाम 5 बजे तक का समय दिया है।”
— अधिकारी, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA)
इस प्रशासनिक खींचतान का सीधा असर सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के निवासियों पर पड़ रहा है। शहर के तिनबत्ती मोड़, सिलीगुड़ी टाउन और मुख्य मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, जिससे स्थानीय ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। कार्यक्रम स्थल को लेकर असमंजस की स्थिति के कारण कई नागरिक संगठनों और अतिथियों को अंतिम समय तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। यदि राज्य सरकार की रिपोर्ट से गृह मंत्रालय संतुष्ट नहीं होता है, तो केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अतिरिक्त हस्तक्षेप देखा जा सकता है। शाम 5 बजे के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई या आधिकारिक बयान की उम्मीद है।