परीक्षा केंद्र या ‘नकल की दुकान’? ₹12 हजार में पास कराने का खेल, पैसे नहीं देने पर 7 छात्रों को परीक्षा से रोका

रायगढ़/खरसिया: जिले के खरसिया स्थित बर्रा ओपन परीक्षा केंद्र से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां खुलेआम नकल कराने के बदले छात्रों से मोटी रकम वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। विवाद तब और बढ़ गया जब पैसे न देने वाले छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से ही रोक दिया गया।

₹8 से ₹12 हजार में ‘नकल पैकेज’ का आरोप

परीक्षा केंद्र में मौजूद छात्रों और उनके परिजनों का आरोप है कि केंद्र प्रबंधन और कुछ बिचौलिए 8,000 से 12,000 रुपये की मांग कर रहे हैं। इस रकम के बदले छात्रों को न केवल नकल करने की खुली छूट दी जा रही है, बल्कि उत्तर लिखने के लिए तैयार पर्चियां (गाइड) भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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विरोध पड़ा भारी: 7 छात्रों को दिखाया बाहर का रास्ता

भ्रष्टाचार के इस खेल का विरोध करना कुछ छात्रों को महंगा पड़ गया। बताया जा रहा है कि जिन 7 छात्रों ने पैसे देने से इनकार किया, उन्हें कथित तौर पर अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए परीक्षा देने से रोक दिया गया। इसके बाद केंद्र के बाहर छात्रों और परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

व्यवस्था पर उठे सवाल: क्या मेरिट का कोई मूल्य नहीं?

खुले स्कूल (Open School) की परीक्षा का उद्देश्य उन लोगों को शिक्षित करना है जो मुख्यधारा से छूट गए हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं परीक्षा की शुचिता पर कालिख पोत रही हैं। परिजनों का सवाल है कि क्या अब डिग्रियां केवल पैसों के दम पर बांटी जाएंगी?

“हम परीक्षा देने आए थे, लेकिन हमसे पैसों की डिमांड की गई। पैसे नहीं दिए तो हमें अंदर जाने से रोक दिया गया। यह सरासर अन्याय है और हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है।” — पीड़ित छात्र

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