Gmail AI Inbox— गूगल ने अपने ईमेल प्लेटफॉर्म Gmail के अनुभव को पूरी तरह बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अमेरिका में अपने चुनिंदा Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए एक नया AI-Powered Inbox फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है। यह अपडेट उन यूजर्स के लिए लाया गया है जो रोजाना सैकड़ों ईमेल्स की भीड़ में जरूरी संदेश खोजने के लिए संघर्ष करते हैं। यह फीचर सीधे इनबॉक्स के अंदर एक डेडिकेटेड ‘AI व्यू’ जोड़ता है, जो आपके सबसे महत्वपूर्ण ईमेल को प्राथमिकता के आधार पर सबसे ऊपर रखेगा।
Gmail AI Inbox: अब AI खुद छांटेगा आपके जरूरी ईमेल, Google ने अमेरिका में शुरू किया नया बीटा अपडेट

दो हिस्सों में बंटा नजर आएगा इनबॉक्स, जरूरी काम होंगे आसान
Gmail का यह नया अपडेट मुख्य रूप से वर्कफ्लो को तेज करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी की घोषणा के अनुसार, नया AI इनबॉक्स ट्रेडिशनल इनबॉक्स के साथ एक अलग सेक्शन के रूप में दिखाई देगा। इसमें ईमेल को मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा जाएगा: Priority और General Updates। यह सिस्टम आपके पुराने ईमेल पैटर्न को समझेगा और उन मेल को हाइलाइट करेगा जिन पर तुरंत एक्शन लेना जरूरी है।
इसके अलावा, कम जरूरी ईमेल्स (जैसे प्रमोशनल या न्यूजलेटर) के लिए यह टूल एक संक्षिप्त AI Summary तैयार करेगा, जिससे यूजर को पूरा मेल पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी का दावा है कि इससे इनबॉक्स में मौजूद ‘डिजिटल शोर’ कम होगा और उत्पादकता बढ़ेगी।
आधिकारिक घोषणा और उपलब्धता
“हमने स्मार्ट प्रायोरिटाइजेशन और पर्सनलाइज्ड ब्रीफिंग्स के साथ एक AI-powered Inbox पेश किया है। यह वर्तमान में अमेरिका में Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए बीटा फेज में रोल आउट हो रहा है।”
— Gmail, आधिकारिक X (Twitter) हैंडल के माध्यम से
भारतीय यूजर्स पर क्या होगा असर?
वर्तमान में यह फीचर केवल अमेरिका के उन यूजर्स के लिए उपलब्ध है जिनके पास गूगल का सबसे प्रीमियम AI Ultra Subscription है। भारत जैसे बड़े बाजारों में इसके रोल आउट को लेकर अभी कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि, गूगल के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह माना जा रहा है कि अमेरिका में बीटा टेस्टिंग सफल होने के बाद इसे वैश्विक स्तर पर जारी किया जाएगा।
इस फीचर के आने से उन प्रोफेशनल्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो मोबाइल पर काम करते हैं और जिनके पास लंबी ईमेल थ्रेड्स को बार-बार चेक करने का समय नहीं होता। यह गूगल के उस बड़े मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत वह Gemini AI को अपने सभी वर्कस्पेस ऐप्स में गहराई से जोड़ रहा है।