Government Action, नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) का संकट लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को भी एयरलाइन की 100 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं, वहीं कई उड़ानें घंटों देरी से संचालित हुईं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और पुणे जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री एक बार फिर परेशान होते दिखाई दिए। एयरलाइन की इस अव्यवस्था पर अब केंद्र सरकार पूरी तरह सख्त हो गई है और साफ कर दिया है कि इंडिगो को बख्शा नहीं जाएगा।
Government Action : इंडिगो ऑपरेशन फेल? 100+ फ्लाइट रद्द होने पर केंद्र की सख्ती बढ़ी

सरकार का बड़ा बयान: “उड़ानों में कटौती करेंगे”

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि इंडिगो अपनी वास्तविक क्षमता से अधिक संचालन कर रही है, और बार-बार उड़ानें कैंसिल होने से यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को खतरा पैदा हो रहा है। ऐसे में सरकार ने संकेत दिए हैं कि कंपनी को अपनी उड़ानों की संख्या कम करनी ही होगी, ताकि वह सुचारू ढंग से उपलब्ध संसाधनों के साथ संचालन कर सके।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में सरकार इंडिगो की उड़ानों पर आधिकारिक रूप से कटौती लागू कर सकती है, ताकि फ्लाइट कैंसिलेशन का सिलसिला रुके और शेड्यूल स्थिर हो।
100 से ज्यादा कैंसिल—क्यों बिगड़ रहे हालात?

सूत्रों के मुताबिक इंडिगो के पास स्टाफ की भारी कमी है, विशेष रूप से—
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कैबिन क्रू
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ग्राउंड स्टाफ
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टेक्निकल स्टाफ
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ऑपरेशनल मैनेजमेंट
इसके अलावा, इंटरनल री-शफल, स्केड्यूलिंग त्रुटियां और क्रू के “रस्टिंग पीरियड” से संबंधित मुद्दों के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित नहीं हो पा रही हैं।
एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भारी परेशानी
सोमवार सुबह से ही देशभर के कई एयरपोर्ट पर यात्रियों को यह कहते देखा गया कि—
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फ्लाइट्स बिना जानकारी के रद्द कर दी गईं
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वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध नहीं कराई गई
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रिफंड और कंपेंसेशन में देरी
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कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस हो गईं
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बिजनेस मीटिंग और ट्रैवल प्लान बुरी तरह प्रभावित
सोशल मीडिया पर यात्रियों ने एयरलाइन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कई वीडियो और पोस्ट साझा किए हैं।
सरकारी कार्रवाई की तैयारी
सरकार और DGCA अब इंडिगो पर कई स्तरों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में हैं—
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स्लॉट की जब्ती
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उड़ानों में आधिकारिक कटौती
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भारी जुर्माना
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कंपनी के शीर्ष प्रबंधन पर जवाबदेही तय
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ऑपरेशनल ऑडिट
सरकार का कहना है कि यात्रियों की परेशानी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
IndiGo का बयान
इंडिगो ने दावा किया है कि वह स्थिति को सामान्य करने में जुटी है और जल्द उड़ानें सामान्य होंगी। लेकिन कंपनी के आश्वासन के बावजूद हालात में कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है।
एविएशन एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो के पास 60% घरेलू मार्केट शेयर है। अगर उसकी उड़ानें इतने बड़े पैमाने पर प्रभावित होती रहीं, तो पूरा भारतीय एविएशन सेक्टर दबाव में आ जाएगा। इसलिए सरकार की कार्रवाई आवश्यक और समय पर है।