क्रांतिकारी उत्साह और बौद्धिक क्षमता का संगम
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि वीर सावरकर केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक भी थे। उन्होंने भारत की अखंडता और भविष्य के प्रति सावरकर की अटूट प्रतिबद्धता पर जोर दिया। राज्यपाल ने सावरकर की उस बौद्धिक क्षमता की सराहना की, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई वैचारिक दिशा दी थी। राजभवन से जारी संदेश में राज्यपाल ने युवाओं से सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने सावरकर को भारत माता का वह वीर सपूत बताया जिनका पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा।
“वीर सावरकर जी महज एक क्रांतिकारी से कहीं अधिक थे। वे एक गहन विचारक थे जिनके बौद्धिक योगदान को देश कभी भूल नहीं सकता। भारत के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी हम सबके लिए अनुकरणीय है।”
— रमेन डेका, राज्यपाल, छत्तीसगढ़
आज सावरकर की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा व्याख्यान माला और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। स्कूलों में सावरकर के जीवन पर केंद्रित लघु कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके इतिहास से अवगत कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में राजभवन द्वारा महान सेनानियों की याद में अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है ताकि स्थानीय संस्कृति में देशभक्ति का संचार बना रहे।