- महा-आयोजन: हिंदू नववर्ष के मौके पर कोरबा की सड़कों पर हजारों रामभक्तों का हुजूम उमड़ा।
- सांस्कृतिक संगम: शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ सहित देशभर की विभिन्न लोक संस्कृतियों की झलक देखने को मिली।
- शहर का नजारा: पूरा कोरबा भगवा ध्वजों और आकर्षक लाइटिंग से जगमगा उठा।
Hindu Navvarsh Shobhayatra , कोरबा — शहर ने गुरुवार को हिंदू नववर्ष का स्वागत एक ऐतिहासिक जनसैलाब के साथ किया। मानिकपुर से लेकर कोसाबाड़ी तक, हर सड़क केसरिया रंग में रंगी नजर आई। इस बार का उत्साह पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ता दिखा। भगवा ध्वजों की लहर और ‘जय श्री राम’ के नारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रशासन और आयोजकों की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि भव्य शोभायात्रा सुचारू रूप से निकल सके।
लाइटिंग और संगीत: एक भव्य विजुअल ट्रीट
जैसे ही सूरज ढला, कोरबा की सड़कों का नजारा बदल गया। मुख्य चौक-चौराहों को आधुनिक एलईडी लाइटों से सजाया गया था। शोभायात्रा के साथ चल रहे झांकियों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- सजावट: हर प्रमुख चौक पर विशेष लाइट डेकोरेशन और तोरण द्वार।
- संस्कृति: राउत नाचा, पंथी और अन्य पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन।
- जनभागीदारी: बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस को ट्रैफिक डाइवर्ट करना पड़ा। शहर के व्यवसायियों ने भी जगह-जगह पुष्प वर्षा और शीतल पेय की व्यवस्था कर भक्तों का स्वागत किया। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाया, बल्कि सामाजिक एकता का भी एक बड़ा उदाहरण पेश किया।
“कोरबा की जनता ने आज जो उत्साह दिखाया है, वह अद्भुत है। यह केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपरा और संस्कृति का विजय जुलूस है। पूरे शहर को एक सूत्र में बंधे देखना सुखद अनुभव है।”
— आयोजन समिति सदस्य, कोरबा