त्योहार से पहले सौहार्द्र बिगाड़ने की साजिश
घटना की जानकारी मिलते ही सेमरकोना और आसपास के इलाकों से सैकड़ों ग्रामीण मंदिर परिसर में जमा हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर होली से पहले शांति भंग करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया है। असामाजिक तत्वों ने मंदिर के ढांचे को नुकसान पहुँचाया और धार्मिक आस्था के प्रतीकों को खंडित किया। सूचना मिलने के बाद दामापुर चौकी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जमीनी हालात और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने गांव के संवेदनशील स्थानों पर बल तैनात कर दिया है। संदिग्धों से पूछताछ के लिए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है। गांव के मुख्य चौक और मंदिर जाने वाले रास्तों पर गश्त बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।
“सेमरकोना गांव की घटना बेहद निंदनीय है। हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि 24 घंटे के भीतर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। गांव का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
— एक स्थानीय निवासी, ग्राम सेमरकोना
फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन अंदरूनी तनाव बरकरार है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा करने से बचें। दामापुर-कवर्धा मार्ग पर वाहनों की सामान्य आवाजाही जारी है, हालांकि पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में शांति समिति की बैठकें बुलाने का निर्देश दिया है।