Holi Special— त्योहारों का सीजन करीब आते ही बाजारों में मिलावटी मिठाइयों का डर बढ़ जाता है। ऐसे में घरों में पारंपरिक पकवान बनाने का चलन फिर से बढ़ा है। उत्तर भारत के घरों में होली बिना **गुजिया** के अधूरी मानी जाती है। अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बनी गुजिया या तो सख्त हो जाती है या तलते समय फट जाती है। आज हम आपको बता रहे हैं वह पारंपरिक विधि, जिससे आपकी गुजिया न सिर्फ खस्ता बनेगी, बल्कि उसका स्वाद भी लंबे समय तक बरकरार रहेगा।
Holi Special: इस बार घर पर बनाएं बाजार जैसी खस्ता गुजिया, जानें परफेक्ट ‘मोयन’ और स्टफिंग का सही तरीका

परफेक्ट डो का गणित: ‘मोयन’ का सही इस्तेमाल
गुजिया के बाहरी हिस्से को कुरकुरा और खस्ता बनाने का पूरा राज **मैदे और घी के अनुपात** में छिपा है। मैदा गूंथते समय उसमें पिघला हुआ शुद्ध घी डालें। इसे तब तक हथेलियों से रगड़ें जब तक मैदा मुट्ठी में बांधने पर अपनी शेप न लेने लगे। इसे ही ‘परफेक्ट मोयन’ कहा जाता है। ध्यान रखें, आटा गूंथने के लिए हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करें और उसे **सख्त (Tight)** रखें। नरम आटा गुजिया को नरम बना देगा, जिससे वह खस्ता नहीं रहेगी। गूंथने के बाद आटे को **गीले सूती कपड़े** से 30 मिनट का आराम देना अनिवार्य है।
स्टफिंग की तैयारी: गुड़ और खोये का बेहतरीन तालमेल
गुजिया की जान उसकी फिलिंग होती है। इसके लिए मावा (खोया) को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक वह हल्का गुलाबी न हो जाए।
- खोया पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही इसमें अन्य सामग्री मिलाएं।
- सावधानी: गरम खोये में गुड़ या चीनी मिलाने से वह पानी छोड़ देगा और स्टफिंग खराब हो जाएगी।
- सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम और किशमिश को हल्का रोस्ट करके डालने से स्वाद दोगुना हो जाता है।
- इलायची पाउडर और कद्दूकस किया हुआ नारियल इसमें ताज़गी और खुशबू जोड़ते हैं।
सांचे का सही उपयोग और तलने की तकनीक
बेली हुई पूरी को सांचे पर रखकर उसमें 1 से 2 चम्मच भरावन भरें। किनारों पर **पानी या दूध का हाथ** जरूर लगाएं ताकि तलते समय गुजिया खुले नहीं। सबसे महत्वपूर्ण चरण है इसे तलना।
“गुजिया तलते समय तेल का तापमान सबसे ज्यादा मायने रखता है। अगर तेल ज्यादा गरम होगा, तो ऊपर दाने निकल आएंगे और अंदर से आटा कच्चा रह जाएगा। हमेशा इसे धीमी आंच (Low Flame) पर ही तलें।”
— शेफ आर. के. खन्ना, स्थानीय हलवाई और पाक विशेषज्ञ
सेहत और शुद्धता का ध्यान
आजकल बाजार में मिलने वाले खोये में मिलावट की खबरें आम हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि या तो घर पर दूध जलाकर खोया तैयार करें या भरोसेमंद डेयरी से ही खरीदारी करें। गुड़ वाली गुजिया, चीनी के मुकाबले एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प के रूप में भी उभरी है, जिसे लोग अब ज्यादा पसंद कर रहे हैं।