रायपुर में MBBS इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, बाइक रैली निकाल सरकार तक पहुंचाई आवाज, 30 हजार स्टाइपेंड की मांग

MBBS रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार, 4 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन इंटर्न डॉक्टरों ने शहर में बाइक रैली निकालकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। डॉक्टरों की प्रमुख मांग मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की है। इसके अलावा वे कार्य परिस्थितियों में सुधार और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग कर रहे हैं।

बाइक रैली निकालकर जताया विरोध

हड़ताल की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से करते हुए इंटर्न डॉक्टरों ने रायपुर शहर में बाइक रैली निकाली। रैली के दौरान डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को सार्वजनिक किया। उनका कहना था कि लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

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डॉक्टरों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और सरकार से सकारात्मक संवाद की उम्मीद है।

30 हजार रुपये स्टाइपेंड की प्रमुख मांग

इंटर्न डॉक्टरों की सबसे प्रमुख मांग मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये किए जाने की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और लगातार अस्पताल में सेवा देने के बावजूद वर्तमान स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है।

इंटर्न डॉक्टरों का तर्क है कि वे मरीजों की देखभाल, इमरजेंसी ड्यूटी और अस्पताल की नियमित चिकित्सा सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलना चाहिए।

अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इसे अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण हड़ताल बताया है और कहा कि वे सरकार से वार्ता के लिए तैयार हैं।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान कराना है।

मेकाहारा प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की कुछ सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है।

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