IndiGo DGCA Action , नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के खिलाफ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ी कार्रवाई की है। बीते साल दिसंबर में हजारों फ्लाइट्स में देरी और रद्द होने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीजीसीए ने जांच रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में इंडिगो के ऑपरेशनल सिस्टम में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिसके बाद एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। साथ ही इंडिगो के सीईओ को कड़ी चेतावनी दी गई है।
डीजीसीए की जांच में पाया गया कि इंडिगो ने अपने ऑपरेशन का जरूरत से ज्यादा ऑप्टिमाइजेशन किया, जिसके चलते फ्लाइट संचालन में संतुलन बिगड़ गया। एयरलाइन के पास न तो पर्याप्त क्रू बैकअप था और न ही विमानों का सही रिजर्व रखा गया था। इसका सीधा असर उड़ानों की समयबद्धता पर पड़ा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमावली को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। डीजीसीए ने इसे गंभीर और घोर लापरवाही मानते हुए कहा कि इससे न केवल यात्रियों की सुविधा प्रभावित हुई, बल्कि उड़ान सुरक्षा से भी समझौता हुआ है।
डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाते हुए इंडिगो के सीईओ को भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके अलावा एयरलाइन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (SVP-OCC) के खिलाफ भी नियामकीय कार्रवाई की गई है। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि शीर्ष प्रबंधन की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि इस तरह की समस्याएं दोबारा न हों। गौरतलब है कि दिसंबर महीने में खराब मौसम, तकनीकी कारणों और ऑपरेशनल दबाव के चलते इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें देरी का शिकार हुई थीं और कई फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी थीं।