Industrial Development Policy , रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई। इन संशोधनों का उद्देश्य राज्य को अन्य औद्योगिक राज्यों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनाना है।
सरकार का मानना है कि संशोधित नीति से न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में रोजगार के नए अवसरों का सृजन होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
निवेशकों के लिए आसान और स्पष्ट नीति
संशोधित औद्योगिक विकास नीति में निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई प्रावधानों को सरल और स्पष्ट किया गया है। उद्योग स्थापना की प्रक्रियाओं को आसान बनाने, अनुमतियों में तेजी लाने और सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी करने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे निवेशकों को समय और लागत दोनों की बचत होगी।
नए क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा
नई नीति में ग्रीन एनर्जी, आईटी-आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, हेल्थकेयर और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित न रखते हुए विविध क्षेत्रों में विस्तार देना है।
एमएसएमई और स्टार्टअप्स पर खास फोकस
संशोधित नीति में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स को विशेष राहत और प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूंजी निवेश अनुदान, ब्याज अनुदान और कौशल विकास सहायता जैसी योजनाओं से स्थानीय उद्यमियों को मजबूती मिलेगी।
रोजगार सृजन को प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक विकास का सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिलना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए नीति में रोजगार आधारित प्रोत्साहन और स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को अतिरिक्त लाभ देने का प्रावधान शामिल किया गया है।