- बड़ी राहत: ईरान ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों को नहीं रोकेगा।
- मित्रता का स्कोर: तेहरान ने भारत को अपना ‘खास दोस्त’ बताते हुए नाविकों और ध्वज वाहक जहाजों की पूर्ण सुरक्षा की गारंटी दी है।
- सप्लाई चैन: इस फैसले से भारत में तेल (Oil) और एलपीजी (LPG) की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी।
Iran India Hormuz Safe Passage , तेहरान/नई दिल्ली — पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे माहौल के बीच भारत ने कूटनीतिक पिच पर एक बड़ा स्कोर खड़ा किया है। ईरान ने आज साफ कर दिया कि होर्मुज संकट के बावजूद भारतीय जहाजों के लिए समंदर का रास्ता खुला रहेगा। जब दुनिया भर की सप्लाई चैन डिफेंसिव मोड में खेल रही थी, तब ईरान का यह ‘अटैकिंग’ आश्वासन भारत के लिए किसी गेम-विनिंग शॉट से कम नहीं है। भारतीय ध्वज वाले जहाजों को अब बिना किसी डर के होर्मुज की लहरों पर चलने की अनुमति मिल गई है।
मैदान पर डिप्लोमेसी: ईरान का ‘फ्रेंडली डिफेंस’
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह चौक पॉइंट है जहाँ से वैश्विक ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यहाँ किसी भी तरह की रुकावट भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था के ‘स्कोरकार्ड’ को बिगाड़ सकती थी।
- स्ट्रेटेजिक गारंटी: ईरान ने स्पष्ट किया कि उसके निशाने पर भारतीय हित नहीं हैं। भारतीय क्रू मेंबर्स को ‘मित्र’ का दर्जा दिया गया है।
- एलपीजी और तेल का फ्लो: भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान के इस ग्रीन सिग्नल का मतलब है कि घरेलू बाजार में कीमतों में उछाल का खतरा कम हो गया है।
- ग्लोबल सिग्नल: जहाँ अन्य देशों के जहाज सतर्क हैं, वहीं भारत को मिला यह ‘स्पेशल पास’ नई दिल्ली और तेहरान के मजबूत रिश्तों की गवाही देता है।
ईरानी प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि वे भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर पहुँचाने और उनके जहाजों को बिना किसी अड़चन के रास्ता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कदम समंदर में भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का लोहा मनवाता है।
“हमारे भारतीय दोस्त पूरी तरह सुरक्षित हैं। हम होर्मुज स्ट्रेट में उनके जहाजों को नहीं रोकेंगे। भारत के साथ हमारे रिश्ते ऐतिहासिक हैं और हम सुनिश्चित करेंगे कि उनकी ऊर्जा आपूर्ति में कोई बाधा न आए।”
— ईरानी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता