Iran’s Direct Challenge To America : ‘USS अब्राहम लिंकन’ रेंज में आया तो खैर नहीं, शहीदों का बदला लेने का ऐलान

तेहरान/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। ईरान की नौसेना ने अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ (USS Abraham Lincoln) को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। ईरानी नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही यह युद्धपोत ईरान की मिसाइल रेंज में आएगा, उसे निशाना बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। ईरान ने इस संभावित हमले को अपने ‘शहीदों का बदला’ करार दिया है, विशेष रूप से 4 मार्च को अमेरिकी हमले में डूबे ईरानी युद्धपोत ‘देना’ (Dena) के सैनिकों की मौत का प्रतिशोध।

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क्यों है ‘USS अब्राहम लिंकन’ निशाने पर?

अब्राहम लिंकन इस समय अरब सागर और ओमान की खाड़ी के आसपास तैनात है और ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों (Flight Operations) का संचालन कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में पुष्टि की थी कि यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ईरान के विरुद्ध सक्रिय रूप से मिशन चला रहा है। ईरान का मानना है कि इस पोत को पीछे धकेलना उनकी संप्रभुता की रक्षा के लिए अनिवार्य है।

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मनोवैज्ञानिक युद्ध या वास्तविक खतरा?

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह चेतावनी केवल कागजी नहीं है। हाल के दिनों में (25 मार्च 2026) ईरान ने दावा किया था कि उसने तटीय क्रूज मिसाइलों के जरिए इस कैरियर ग्रुप को अपनी स्थिति बदलने पर मजबूर कर दिया था।

ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने भी रविवार को चेतावनी दी:

“दुष्ट ताकतें (अमेरिका) एक तरफ कूटनीति का ढोंग कर रही हैं और दूसरी तरफ जमीन पर हमले की साजिश रच रही हैं। यदि उन्होंने हमारी जमीन पर कदम रखा, तो उन्हें वो नरक दिखाएंगे जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।”

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