- पकड़ा गया दांव: भिलाई-3 के पार्थिवी कॉलेज में JEE मेन्स की पहली पाली में चप्पल के जरिए नकल की कोशिश नाकाम।
- बायो-ब्रेक में खुलासा: ब्रेक से लौटने के बाद तलाशी में परीक्षार्थी आदित्य कुमार की चप्पल से मोबाइल बरामद हुआ।
- अगला एक्शन: पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
JEE Mains Cheating , भिलाई — भिलाई के सिरसाकला स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग कॉलेज में 2 अप्रैल को JEE मेन्स की परीक्षा के दौरान एक ‘नकलची’ ने चौंकाने वाली फील्डिंग सजाई थी। परीक्षार्थी आदित्य कुमार ने अपनी चप्पल के भीतर मोबाइल सेट किया था। सुबह 8:25 बजे एंट्री के समय उसने मेटल डिटेक्टर को चकमा दे दिया, लेकिन ‘हाफ-टाइम’ यानी बायो-ब्रेक के बाद उसकी यह चालाकी भारी पड़ गई। जांच दल ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया और अब वह पुलिस कस्टडी में है।
मैदान पर ‘नकल का चक्रव्यूह’: सुरक्षा गार्ड ने पकड़ी चोरी
जैसे ही पहली पाली का खेल शुरू हुआ, सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद थी। मेटल डिटेक्टर से पास होने के बाद आदित्य परीक्षा हॉल में बैठ चुका था।
- सिक्योरिटी गार्ड का एक्शन: सुरक्षा गार्ड राजेश कुमार सिंह ने प्रवेश के वक्त गहन जांच की थी, लेकिन मोबाइल चप्पल के सोल में इस तरह छिपा था कि शुरुआत में पता नहीं चला।
- बायो-ब्रेक टर्निंग पॉइंट: ब्रेक के बाद जब छात्र वापस लौटा, तो उसकी चाल और चप्पल की बनावट ने संदेह पैदा किया। सघन तलाशी में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई।
- मैनेजमेंट का फैसला: पार्थिवी इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज के अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी और परीक्षार्थी को ‘रेड कार्ड’ दिखाकर बाहर किया।
पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच इस बात पर टिकी है कि क्या इस ‘गेम-प्लान’ में कोई बाहरी टीम भी शामिल थी।
“परीक्षार्थी सुबह 8:25 पर सेंटर पहुंचा था। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद उसे अंदर जाने दिया गया, लेकिन बायो-ब्रेक के बाद जब दोबारा चेकिंग हुई तो चप्पल के अंदर छिपा मोबाइल मिल गया। हमने तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।”
— परीक्षा केंद्र सुरक्षा अधिकारी