क्या है मामला
कवासी लखमा पर आरोप है कि वे छत्तीसगढ़ में कथित शराब सिंडिकेट से जुड़े निर्णयों में शामिल रहे। जांच एजेंसियों का दावा है कि नीति और लाइसेंसिंग के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इसी केस में लखमा न्यायिक हिरासत में थे।
सुप्रीम कोर्ट की शर्तें
अदालत ने जमानत देते हुए सख्त शर्तें लगाईं। आदेश के मुताबिक:
- कवासी लखमा छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे
- कोर्ट में पेशी के लिए ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे
- पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा
- वर्तमान पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना होगा
कोर्ट की टिप्पणी
“जमानत का अर्थ आरोपों से मुक्त होना नहीं है। ट्रायल जारी रहेगा और आरोपी को जांच में सहयोग करना होगा।”
— सुप्रीम कोर्ट की पीठ
राजनीतिक और प्रशासनिक असर
इस आदेश के बाद रायपुर के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने फैसले को राहत बताया, जबकि विपक्ष ने जांच को प्रभावित करने की आशंका जताई। जांच एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि मुकदमे की प्रक्रिया जारी रहेगी और चार्जशीट से जुड़े कदम आगे बढ़ेंगे।