अचानक बिगड़ी तबीयत, हफ्तों तक बिस्तर पर रहीं
जानकारी के मुताबिक, लता मंगेशकर की तबीयत अचानक बिगड़ी। कमजोरी इतनी बढ़ गई कि खड़ा होना मुश्किल हो गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच की। शुरुआती इलाज से राहत नहीं मिली। इसके बाद विशेषज्ञों ने संदेह जताया कि मामला सामान्य बीमारी का नहीं है। इलाज के दौरान यह आशंका उभरी कि धीरे असर करने वाला जहर दिया गया हो सकता है। इसके बाद उनकी देखरेख और सख्त कर दी गई। खान-पान पूरी तरह बदला गया। बाहर से आने वाले खाने पर रोक लगी।
ड्राइवर को हटाया गया, परिवार सतर्क हुआ
परिजनों और करीबी लोगों ने लता जी की दिनचर्या पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान उनके ड्राइवर को तुरंत हटा दिया गया। इसके बाद उनकी हालत में सुधार दिखने लगा। कुछ हफ्तों में उनकी सेहत संभली। हालांकि, इस पूरे मामले में किसी पर औपचारिक आरोप या कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। मामला यहीं थम गया।
आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन खुद लता जी ने किया था जिक्र
यह घटना किसी पुलिस केस या अदालत के रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनी। इसे लेकर कोई आधिकारिक रिपोर्ट मौजूद नहीं है। लेकिन वर्षों बाद खुद लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में इस दौर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि वह समय उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर था।
“मैं बहुत बीमार पड़ गई थी। डॉक्टर भी हैरान थे। बाद में हालात बदले और मैं बच गई।”
— लता मंगेशकर, पुराने साक्षात्कार में
संगीत नहीं रुका, वापसी और भी मजबूत रही
इस घटना के बाद लता मंगेशकर ने काम से लंबा ब्रेक लिया। जब वह वापस लौटीं, तो उनकी आवाज पहले से ज्यादा मजबूत थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक कालजयी गीत दिए।
आज भी बना है रहस्य
क्या वाकई जहर दिया गया था या यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट था—इस सवाल का कोई ठोस जवाब आज तक नहीं मिला। यह किस्सा आज भी रहस्य बना हुआ है, जो सुर साम्राज्ञी की जिंदगी के अनकहे पन्नों में दर्ज है।