LIC: 43 महीनों बाद LIC की हिस्सेदारी बाजार में लौटने की संभावना

LIC नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025 — केंद्र सरकार इस साल के अंत तक LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम) में 1–1.5 अरब डॉलर (लगभग ₹8,800–13,200 करोड़) की हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। अगले कुछ हफ्तों में रोड शो आयोजित होने की संभावना है, जहां निवेशकों की डिमांड और बाजार की प्रतिक्रिया के आधार पर बिक्री की योजना तय की जाएगी।

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सरकार का यह कदम SEBI के निर्देशानुसार पब्लिक शेयर होल्डिंग को 10% तक बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है। मई 2022 में, LIC ने आईपीओ के जरिए 3.5% हिस्सेदारी बेचकर ₹20,557 करोड़ जुटाए थे, जो भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बिक्री में से एक थी।

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वर्तमान में सरकार के पास LIC में 96.5% हिस्सेदारी है और उसे 16 मई 2027 तक 6.5% और हिस्सेदारी बेचनी है, जिसका मूल्य लगभग 4.2 अरब डॉलर (₹37,000 करोड़) है। सूत्रों के अनुसार, सरकार इसे कई चरणों में धीरे-धीरे बेचने का विचार कर रही है ताकि शेयर की कीमत पर नकारात्मक असर न पड़े और मौजूदा शेयरधारकों को नुकसान न पहुंचे।

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LIC का शेयर मूल्य 3 जुलाई से IPO मूल्य ₹949 से नीचे चल रहा है, और मंगलवार को यह ₹900.7 पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का मार्केट कैप 5.7 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

सटीक बिक्री प्रक्रिया अभी अंतिम रूप में नहीं है। यह तय किया जाना है कि हिस्सेदारी क्यूआईपी (QIP) या ओएफएस (OFS) के माध्यम से बेची जाएगी। पहला फेज चालू तिमाही के अंत से पहले शुरू होने की संभावना है।

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