Litti Chokha Recipe : स्वाद की नींव, वह कला जो एक साधारण आटे को ‘परफेक्ट लिट्टी’ में बदल देती है

Litti Chokha Recipe : 2 जनवरी 2026| सर्दियों की गुनगुनी धूप हो और साथ में कोयले पर सिकती लिट्टी की सोंधी खुशबू, यह अहसास किसी उत्सव से कम नहीं है। लेकिन एक बेहतरीन लिट्टी की असली परीक्षा उसके भीतर भरे मसाले से नहीं, बल्कि उस बाहरी परत से होती है जो दांतों तले दबते ही ‘खस्ता’ होने का अहसास कराए। लिट्टी चोखा के शौकीनों के लिए यह केवल भोजन नहीं, बल्कि एक भावना है, जिसकी सफलता की पहली सीढ़ी रसोई में आटा गूंथने की उस बारीक कला में छिपी है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

Cigarette Prices Will Rise : 1 फरवरी से लागू होगी नई एक्साइज ड्यूटी, प्रति हजार स्टिक पर ₹2,050 से ₹8,500 तक टैक्स

बनावट और सलीके का संगम

एक आदर्श लिट्टी का बाहरी हिस्सा थोड़ा सख्त और खस्ता होना चाहिए, और इस बनावट को हासिल करना किसी इंजीनियरिंग से कम नहीं है। खेल की शुरुआत होती है तीन कप गेहूं के आटे के साथ, जिसमें आधे छोटे चम्मच अजवाइन की खुशबू एक खास देशी तड़का लगाती है। असली जादू तब शुरू होता है जब इसमें दो बड़े चम्मच घी या तेल का ‘मोयन’ डाला जाता है। यह मोयन ही वह गुप्त हथियार है जो आटे के कण-कण को बांधता है और उसे वह जरूरी खस्तापन देता है जिसकी उम्मीद हर पारखी करता है।

Advertisement

नमक का सही संतुलन स्वाद को उभारता है, लेकिन असली चुनौती पानी के इस्तेमाल में है। रोटी के नरम आटे के विपरीत, लिट्टी के लिए पानी का छिड़काव बहुत संभलकर करना पड़ता है। आटा जितना कड़ा और सधा हुआ गूंथा जाएगा, आग पर सिकने के बाद वह उतना ही सोंधा और कुरकुरा निकलकर आएगा। यह प्रक्रिया धैर्य की मांग करती है, जहाँ हाथों का जोर और आटे की नमी के बीच एक सही तालमेल बिठाना होता है।

परंपरा और आधुनिक रसोई का तालमेल

आज के दौर में जब फास्ट फूड का बोलबाला है, लिट्टी बनाने की यह पारंपरिक विधि अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक जरिया है। आटे को सही तरीके से तैयार करना केवल पेट भरने की कवायद नहीं है, बल्कि यह उस विरासत को संजोने जैसा है जहाँ तकनीक से ज्यादा ‘अनुभव’ मायने रखता है। यदि आटा बहुत नरम हो जाए, तो लिट्टी अपना आकार खो देती है और वह पारंपरिक कड़कपन गायब हो जाता है, जो चोखे के साथ खाने पर असली स्वाद देता है।

रसोई के जानकारों की राय

“लिट्टी का बाहरी हिस्सा थोड़ा सख्त और खस्ता होना चाहिए, तभी उसका असली स्वाद उभरकर आता है।”

Spread the love
Advertisement