LPG Price Hike 2026 , इस्लामाबाद। नए साल 2026 की शुरुआत पाकिस्तान की आम जनता के लिए महंगाई की एक और मार लेकर आई है। सरकार ने जनवरी 2026 के लिए एलपीजी (LPG) की कीमतों में 10.69 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी करीब 5.11 प्रतिशत की है, जिसके बाद एलपीजी की नई कीमत 219.68 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले दिसंबर 2025 में एलपीजी की कीमत 208.99 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
LPG Price Hike 2026 : जनवरी 2026 में एलपीजी की कीमतों में 10.69 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी

पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एलपीजी की कीमतों में की गई यह वृद्धि घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी सीधे तौर पर दिखाई देगी। इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।

घरेलू गैस सिलेंडर महंगे होने से रसोई का बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है। गृहिणियों के लिए यह बढ़ोतरी एक नई चिंता बनकर सामने आई है, क्योंकि रसोई गैस रोजमर्रा की जरूरतों में सबसे अहम मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी से खाने-पीने की वस्तुओं और छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ेगा।

आर्थिक जानकारों के अनुसार, बिजली, पेट्रोल, डीजल और राशन की कीमतों में पहले से हुई बढ़ोतरी के बीच एलपीजी के दाम बढ़ना आम जनता पर दोहरा बोझ डालने जैसा है। खासकर वे परिवार जो खाना पकाने के लिए पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं, उनके मासिक खर्च में सीधी बढ़ोतरी होगी।

सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि के कारण एलपीजी के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था। OGRA की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह नई दरें जनवरी महीने से लागू होंगी और अगली कीमत समीक्षा फरवरी 2026 में की जाएगी।

इस बीच ऊर्जा विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे एलपीजी का उपयोग सोच-समझकर करें और जहां संभव हो, ऊर्जा की बचत के उपाय अपनाएं। प्रेशर कुकर का अधिक इस्तेमाल, गैस लीकेज से बचाव और अनावश्यक गैस खपत कम करने से घरेलू खर्च को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

नए साल की यह पहली बड़ी महंगाई आम लोगों के लिए निराशाजनक साबित हो रही है। सरकार ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि आर्थिक हालात को देखते हुए यह फैसला मजबूरी में लिया गया है। हालांकि, आम नागरिकों की नजर अब फरवरी में होने वाली अगली समीक्षा पर टिकी हुई है, जिससे उन्हें कुछ राहत की उम्मीद है।