रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 को पारित कर दिया गया। इस विधेयक के लागू होने के साथ ही राज्य की भर्ती प्रणाली में बड़ा संस्थागत बदलाव तय हो गया है। अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, एकीकृत और समयबद्ध बनाया जाएगा।
क्या है नया प्रावधान?
इस कानून के तहत राज्य में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की स्थापना की जाएगी, जो विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को एक मंच पर लाएगा।
मंडल की संरचना इस प्रकार होगी—
- एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य
- सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी
- व्यावसायिक परीक्षा मंडल के कर्मचारी भी इसमें शामिल होंगे
मंडल को चयन प्रक्रिया संचालित करने के लिए किसी बाहरी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपने का अधिकार भी दिया गया है। साथ ही कार्यों के सुचारू संचालन के लिए पाठ्यक्रम समिति, परीक्षा समिति और वित्त समिति का गठन किया जाएगा।
किन भर्तियों पर होगा असर?
यह नया मंडल राज्य सरकार के सभी विभागों में—
- तृतीय श्रेणी (Group C)
- चतुर्थ श्रेणी (Group D)
के पदों पर सीधी भर्ती करेगा। इसके अलावा—
- वैधानिक निकाय
- मंडल और प्राधिकरण
- अन्य शासकीय संस्थान
की भर्तियां भी इसी के दायरे में आएंगी। इतना ही नहीं, मंडल व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाएं भी आयोजित करेगा।
नकल रोकने के लिए सख्त कानून
बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक और महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया। छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 को सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
इस कानून का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में नकल और गड़बड़ी पर सख्त रोक लगाना है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
युवाओं के लिए क्या मायने?
इस नए सिस्टम से—
- भर्ती प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी
- एक ही प्लेटफॉर्म से आवेदन और परीक्षा
- पेपर लीक और नकल पर नियंत्रण
- समय पर रिजल्ट और नियुक्ति
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के लाखों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा और सरकारी नौकरियों में भरोसा बढ़ेगा।
रोजगार योजनाओं से भी जुड़ाव
इसी बीच केंद्र सरकार की विकसित भारत रोजगार योजना के तहत युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में भी काम हो रहा है। योजना की पहली किस्त जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।