Naxalite surrender 2025 : माओवादी नेता सोनू दादा ने किया संघर्ष विराम का ऐलान, 15 फरवरी तक सरेंडर की तैयारी

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Naxalite surrender 2025

Naxalite surrender 2025 : रायपुर, 23 नवंबर 2025। माओवादी संगठन की महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ (MMC) स्पेशल जोनल कमेटी ने एक बड़े फैसले की घोषणा की है। संगठन के प्रवक्ता अनंत द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू दादा ने तत्काल प्रभाव से हथियार त्यागने और अस्थायी संघर्ष विराम का निर्णय लिया है।यह कदम माओवादी गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि संगठन ने पहली बार तीनों राज्य सरकारों को औपचारिक रूप से 15 फरवरी 2026 तक सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय मांगा है, ताकि इसका संदेश सभी साथियों तक पहुंचाया जा सके।

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सरेंडर से पहले नहीं मनाया जाएगा PGLA सप्ताह

प्रवक्ता अनंत ने बताया कि संगठन ने फैसला किया है कि इस वर्ष पीजीएलए (People’s Guerrilla Liberation Army) सप्ताह नहीं मनाया जाएगा। यह सरकार के प्रति सकारात्मक संकेत माना जा रहा है और संघर्ष विराम की घोषणा को और अधिक विश्वसनीय बनाता है।

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सरकार की पुनर्वास नीति स्वीकार करने की इच्छा

विज्ञप्ति के अनुसार, माओवादी संगठन सरकार की पुनर्वास योजना को स्वीकार करने को तैयार है। संगठन का कहना है कि बदले हुए हालातों की केंद्रीय समिति ने समीक्षा की है और उसी आधार पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।संगठन ने राज्य सरकारों से भी अनुरोध किया है कि वे इस पहल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दें और शांति वार्ता के लिए अनुकूल माहौल तैयार करें।

31 मार्च की डेडलाइन से पहले बड़ा बदलाव

छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने माओवादी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। माओवादी संगठन का यह कदम सरकार द्वारा तय समयसीमा से पहले शांति की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

बातचीत से समाधान की कोशिश

MMC जोनल कमेटी का कहना है कि संघर्ष विराम का मुख्य उद्देश्य

  • जनता से जुड़े मुद्दों पर बातचीत

  • समाधान के रास्ते खोलना

  • और तीनों राज्यों में हिंसा कम करना है।

संगठन ने चेतावनी भी दी कि यदि सरकारों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिली, तो वे आगे की रणनीति स्वयं तय करेंगे।

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