- विवाद का केंद्र: उर्दू अकादमी के पूर्व सदस्य सगीर अहमद कुरैशी की कार का नंबर 2611 सोशल मीडिया पर वायरल।
- राजनीतिक हमला: बीजेपी ने इस नंबर को मुंबई आतंकी हमले (26/11) से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व की मानसिकता पर सवाल उठाए।
- कार्रवाई की मांग: राजधानी रायपुर की सड़कों पर दौड़ती इस कार के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोला।
Number Plate Dispute , रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज एक कार की नंबर प्लेट ने भूचाल ला दिया। कांग्रेस शासनकाल में उर्दू अकादमी के सदस्य रहे सगीर अहमद कुरैशी की कार पर अंकित ‘2611’ नंबर को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी ने सीधा आरोप लगाया है कि यह नंबर महज संयोग नहीं, बल्कि एक खास संदेश देने की कोशिश है।
सियासी पिच पर भारी पड़ा ‘2611’ का अंक
मामले ने तब तूल पकड़ा जब इस कार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे देश की संवेदनाओं से खिलवाड़ बताया। उनका तर्क है कि 26/11 की तारीख भारत के इतिहास का सबसे काला दिन है और इस नंबर का सार्वजनिक प्रदर्शन आपत्तिजनक है।
- टारगेट: सगीर अहमद कुरैशी, पूर्व सदस्य, उर्दू अकादमी।
- आरोप: आतंकी हमले की तारीख को ‘सेलिब्रेट’ या प्रमोट करने की मंशा।
- बीजेपी का वार: कांग्रेस नेतृत्व को घेरते हुए पूछा कि क्या ऐसे लोगों को संरक्षण देना ही उनकी नीति है?
कांग्रेस खेमे ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है, लेकिन पार्टी के कुछ समर्थकों का कहना है कि आरटीओ (RTO) द्वारा आवंटित किसी भी नंबर को अपराध की तरह पेश करना गलत है।
“यह महज एक नंबर नहीं, बल्कि एक विशेष मानसिकता का परिचायक है। कांग्रेस शासन में ऐसे लोगों को सरकारी पदों पर बैठाया गया जो देश की भावनाओं को आहत करने वाले प्रतीकों का इस्तेमाल करते हैं।”
— बीजेपी प्रवक्ता, छत्तीसगढ़
यह विवाद केवल एक नंबर प्लेट तक सीमित नहीं रहने वाला। छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में होने वाले स्थानीय निकायों और अन्य राजनीतिक आयोजनों में बीजेपी इसे ‘राष्ट्रवाद बनाम तुष्टिकरण’ के मुद्दे के रूप में भुनाने की तैयारी में है। पुलिस और आरटीओ विभाग पर भी अब इस बात का दबाव है कि क्या वह इस तरह के संवेदनशील नंबरों के इस्तेमाल पर कोई स्पष्टीकरण या दिशा-निर्देश जारी करेंगे।